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बबासीर का आयुर्वेदिक उपचार

Piles · Fistula · Fissure — बवासीर, भगंदर व फिशर का बिना बड़े ऑपरेशन के क्षार सूत्र व औषधि उपचार।

बबासीर आयुर्वेदिक उपचार 🌡️ Piles / Fissure / Fistula
क्षार सूत्रबिना बड़े ऑपरेशन कम पुनरावृत्तिआहार सुधार

बबासीर क्या है?

बबासीर (Piles / अर्श) में गुदा व मलाशय की नसों में सूजन आ जाती है, जिससे दर्द, खुजली व रक्तस्राव होता है। इससे जुड़े रोग हैं — भगंदर (Fistula) और फिशर (गुदा में दरार)। आयुर्वेद की "क्षार सूत्र" विधि इन रोगों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जिसमें बड़े ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होती और पुनरावृत्ति की संभावना कम रहती है।

मुख्य कारण

  • पुरानी कब्ज व कठोर मल
  • लंबे समय तक बैठे रहना व शारीरिक श्रम की कमी
  • कम फाइबर व अधिक मिर्च-मसालेदार भोजन
  • पानी की कमी व अनियमित दिनचर्या
  • गर्भावस्था व मोटापा

लक्षण

  • मल त्याग के समय दर्द या जलन
  • मल के साथ रक्त आना
  • गुदा के पास सूजन, मस्सा या गाँठ
  • खुजली, गीलापन व बेचैनी
  • बैठने में कठिनाई

हमारा उपचार

हमारा उद्देश्य है दर्द से शीघ्र राहत देना और रोग को जड़ से समाप्त करना ताकि वह दोबारा न लौटे।

  • क्षार सूत्र चिकित्सा: भगंदर व बवासीर के लिए प्रभावी पैरा-सर्जिकल विधि
  • आयुर्वेदिक औषधि: सूजन, दर्द व रक्तस्राव में राहत
  • मलहम व सिट्ज़ बाथ: स्थानीय राहत व सफाई
  • आहार चिकित्सा: कब्ज दूर करने के लिए फाइबरयुक्त आहार
  • जीवनशैली: दिनचर्या व व्यायाम का मार्गदर्शन

सामान्य प्रश्न

प्रारंभिक अवस्था में औषधि व आहार से ही राहत मिल जाती है। अधिक बढ़ी अवस्था में क्षार सूत्र विधि से बिना बड़े ऑपरेशन के प्रभावी उपचार संभव है।

यह एक आयुर्वेदिक औषधीय धागा है जो भगंदर व बवासीर के स्रोत को धीरे-धीरे ठीक करता है। यह न्यूनतम चीरा वाली, परीक्षित व प्रभावी विधि है।

सही आहार व जीवनशैली अपनाने पर पुनरावृत्ति की संभावना बहुत कम हो जाती है। हम इसके लिए पूरा मार्गदर्शन देते हैं।

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