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घुटना व जोड़ों के दर्द का आयुर्वेदिक उपचार

Knee & Joint Pain — गठिया, अर्थराइटिस व जोड़ों के दर्द में जानु बस्ती, पंचकर्म और औषधि से दीर्घकालिक राहत।

घुटना दर्द आयुर्वेदिक उपचार 🦵 Knee & Joint Pain
जानु बस्तीपंचकर्म औषधीय तेलबिना सर्जरी राहत

घुटना दर्द क्या है?

घुटनों व जोड़ों का दर्द बढ़ती उम्र, गठिया (अर्थराइटिस) या कार्टिलेज की कमजोरी के कारण होता है, जिससे चलने-फिरने व सीढ़ियाँ चढ़ने में कठिनाई होती है। आयुर्वेद में यह मुख्यतः वात दोष के असंतुलन व जोड़ों में चिकनाई (स्नेहन) की कमी से जुड़ा है। हमारा उद्देश्य है दर्द कम करना, जकड़न दूर करना और जोड़ों को पोषण देना।

मुख्य कारण

  • वात दोष की वृद्धि व जोड़ों में रूखापन
  • बढ़ती उम्र व कार्टिलेज का घिसना (ऑस्टियो अर्थराइटिस)
  • यूरिक एसिड बढ़ना (गाउट) व रूमेटॉइड अर्थराइटिस
  • मोटापा व जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव
  • चोट, कैल्शियम की कमी व निष्क्रिय जीवनशैली

लक्षण

  • घुटनों व जोड़ों में दर्द व जकड़न
  • चलने, बैठने व सीढ़ियाँ चढ़ने में कठिनाई
  • जोड़ों में सूजन व चटकने की आवाज़
  • सुबह उठते समय अकड़न
  • घुटनों का कमजोर महसूस होना

हमारा उपचार

हम दर्द निवारक दवाओं पर निर्भरता घटाकर जोड़ों को भीतर से मजबूत करने पर ध्यान देते हैं।

  • जानु बस्ती: घुटनों पर औषधीय गर्म तेल रोककर गहरा पोषण
  • पंचकर्म: अभ्यंग, स्वेदन व बस्ती से वात संतुलन
  • आयुर्वेदिक औषधि: सूजन व दर्द कम करने वाली रसायन
  • आहार चिकित्सा: वात शामक व पोषक आहार का मार्गदर्शन
  • योग व व्यायाम: जोड़ों की गतिशीलता बढ़ाने वाले अभ्यास

सामान्य प्रश्न

कई मामलों में, यदि समय रहते उपचार शुरू हो जाए, तो पंचकर्म व जानु बस्ती से दर्द में बड़ी राहत मिलती है और सर्जरी की आवश्यकता टल सकती है। यह रोग की अवस्था पर निर्भर करता है।

यह एक पंचकर्म प्रक्रिया है जिसमें घुटने पर औषधीय गर्म तेल को एक घेरे में रोककर रखा जाता है, जिससे जोड़ को गहरा पोषण व चिकनाई मिलती है।

अधिकांश रोगियों को कुछ ही सत्रों में जकड़न व दर्द में राहत महसूस होने लगती है। पूर्ण लाभ के लिए निर्धारित कोर्स पूरा करना ज़रूरी है।

फिर से बिना दर्द के चलें

घुटनों के दर्द को जीवन पर हावी न होने दें। प्राकृतिक उपचार से राहत पाएँ।