Psoriasis — खुजली, पपड़ी, लालिमा और जलन से राहत के लिए पंचकर्म व औषधि आधारित संपूर्ण उपचार।
🩹 Psoriasis
सोराइसिस एक दीर्घकालिक ऑटो-इम्यून त्वचा रोग है जिसमें त्वचा की कोशिकाएँ सामान्य से बहुत तेज़ी से बनती हैं, जिससे त्वचा पर मोटी, लाल, खुजलीदार और चांदी जैसी पपड़ीदार परतें बन जाती हैं। आयुर्वेद में इसे "एककुष्ठ / किट्टिभ" के अंतर्गत रखा गया है, जो मुख्यतः वात व कफ दोष के असंतुलन से होता है।
सोराइसिस का स्थायी प्रबंधन शरीर की शुद्धि, पाचन सुधार और तनाव नियंत्रण से होता है। हमारा लक्ष्य है भड़कने (flare-ups) को कम करना और त्वचा को स्वस्थ रखना।
सोराइसिस एक दीर्घकालिक रोग है, परंतु आयुर्वेदिक उपचार से इसे अच्छी तरह नियंत्रित किया जा सकता है — खुजली, पपड़ी व भड़कना काफी कम हो जाते हैं और त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ रहती है।
नहीं, सोराइसिस संक्रामक नहीं है। यह छूने से किसी और को नहीं होता।
हाँ, उपचार के साथ सही आहार बहुत महत्वपूर्ण है। विरुद्ध आहार से बचाव परिणामों को तेज़ करता है।
लगातार खुजली व पपड़ी से परेशान हैं? प्राकृतिक उपचार से स्वस्थ त्वचा पाएँ।