Vitiligo / Leucoderma — त्वचा के सफेद धब्बों का रक्तशोधन व प्राकृतिक औषधियों से जड़ से उपचार।
⚪ Vitiligo / Leucoderma
सफेद दाग (Vitiligo) एक त्वचा रोग है जिसमें त्वचा की रंगत बनाने वाली कोशिकाएँ (मेलानोसाइट्स) क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे त्वचा पर सफेद धब्बे बनने लगते हैं। यह संक्रामक रोग नहीं है और छूने से नहीं फैलता। आयुर्वेद में इसे "श्वित्र" या "किलास" कहा गया है, जो रक्त व पित्त दोष के असंतुलन से जुड़ा है।
हम सफेद दाग का उपचार केवल बाहरी लक्षणों पर नहीं, बल्कि रक्त शुद्धि और पाचन सुधार पर केंद्रित करते हैं ताकि मेलानिन प्राकृतिक रूप से बने।
प्रारंभिक अवस्था में पकड़े जाने पर परिणाम बहुत अच्छे होते हैं। पुराने व बड़े धब्बों में भी नियमित उपचार से उल्लेखनीय सुधार संभव है। परिणाम धब्बे की अवस्था व नियमितता पर निर्भर करते हैं।
नहीं। सफेद दाग संक्रामक रोग नहीं है, यह छूने, साथ खाने या साथ रहने से नहीं फैलता।
यह धब्बों की संख्या व पुरानेपन पर निर्भर करता है — आमतौर पर कुछ महीनों के नियमित उपचार में सुधार दिखने लगता है।
जितनी जल्दी उपचार शुरू होता है, परिणाम उतने बेहतर होते हैं। आज ही परामर्श बुक करें।